moral stories in hindi

Moral stories in hindi 

भगवान को सब में देखो

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god is there

एक बार एक गांव में एक पुजारी रहता था ।उसका भगवान पर बहुत भरोसा था वह सोचता था कि चाहे कुछ भी हो जाए भगवान उसे हमेशा बचाएंगे ।एक दिन जब वह पूजा कर रहा था तब गांव में बाढ़ आ गई ।तब गांव की मुखिया ने सब को सुरक्षित जगह पर जाने को कहा ।और पुजारी ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और वह सोचा कि भगवान ही मुझे इन परेशानियों से बचाएंगे। और वह अपने मंदिर में ही बैठ गया फिर बाढ़ के पानी ने मंदिर को भी घेर लिया और पुजारी घुटनों तक डूब गया ।तभी एक आदमी अपनी कार लेकर आया और पुजारी को बोला कि हालात और खराब हो जाए ।उससे पहले आप मेरी कार में बैठ जाइए पुजारी ने उसे मना कर दिया और वह मंदिर में ही बैठ गया ।थोड़ी देर बाद मंदिर की दीवारें पानी में डूबने लगी तो वह गुंबज पर बैठ गया ।तभी एक आदमी नाव में आया और उसने पुजारी जी को बोला कि आप डूब जाएंगे ।तो मेरी नाव में आ जाइए हम आपको किनारे पर छोड़ देंगे ।तब पुजारी बोला कि मैं नहीं आऊंगा मेरा भगवान मुझे बचा लेगा तुम जाओ बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने लगा था । और गुंबद तक पहुंच गया था और पुजारी डूबने लगा था। उसके बाद हेलीकॉप्टर आया पर पुजारी ने उसको भी यह कहकर भेज दिया कि भक्त का भगवान उसे बचाएगा। और पुजारी बाढ़ के पानी में डूबने लगा ।                                                                                                                     और फिर पुजारी भी उस पानी में डूब गया। फिर मरने के बाद मैं भगवान के पास गया। और उन्हें बोला हे प्रभु आपने मेरा विश्वास तोड़ा है मैं इसी भरोसे बैठा रहा। उस मंदिर में कि आप  आकर मुझे बचाएंगे पर आप मुझे बचाने आए ही नहीं ।तब भगवान बोले अरे मूर्ख मैं तुम्हें 4 बार बचाने आया था। पर तू मुझे पहचान नहीं पाया और अपनी जान गवा बैठे। तब पुजारी सोच में पड़ गया तब उसने भगवान से पूछा हे प्रभु आप कब आए थे । तब भगवान बोले - पहली बार में मुख्य बनकर आया और मैंने बाढ़ की चेतावनी दी पर तूने नहीं माना फिर मैंने तेरे लिए कार भेजी तो उसमें भी नहीं बैठा भी मैंने तेरे लिए नाव भेजी तब तो उसे भी मना कर दिया फिर मैंने तुझे अपना अच्छा वक्त मान करते लिए आखिरी हेलीकॉप्टर भेजा पर तूने उसे भी मना कर दिया और तू अपनी जान खुद गवा बैठा ।पुजारी को अपनी गलती का एहसास हो गया और उसने भगवान से माफी मांगी ।

शिक्षा-    भगवान इंसान के रूप में आपको मदद करने आते हैं तो कोई भी आपकी मदद करें तो आपको ले लेनी चाहिए ना कि बैठकर भगवान का इंतजार करना चाहिए 

लालची जलेबी वाला

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jalebi
पटियाला में दो भाई रहते थे सुरेंद्र और महेंद्र वह दोनों मिलकर जलेबी की दुकान चलाते थे ।पर वह दोनों बहुत कंजूस और लालची थे ।फिर सुरेंद्र ने महेंद्र को बोला कि आज कोई ग्राहक नहीं है या कोई जलेबी की नई दुकान तो नहीं खुल गई ना। तब महेंद्र बोला कि आज अभी जो भी ग्राहक आएगा उसे हम दुगने पैसे ले लेंगे ।तभी एक ग्राहक आया और दोनों से उनके हालचाल पूछे और बोला कि मुझे 1 किलो जलेबी बांधकर दे दो ।तब महेंद्र बोला कि पाजी 5 किलो ले जाओ तो वह बोला कि नहीं जी 1 किलो बहुत है। फिर सुरेंद्र बोला ₹500 हो गए  तो ग्राहक बोला कि पिछली बार 300  रुपए किलो लेकर गया था। तो महेंद्र बोला कि पाजी महंगाई बहुत बढ़ गई है और इस गांव में कोई और जलेबी वाला भी तो नहीं है  ।तो वह ग्राहक  मन ही मन बोला कि अगर कोई और जलेबी वाला आ जाए तभी इन्हें मजा आएगा। अगले दिन उनके बचपन का दोस्त उनके यहां काम ढूंढने आया था ।तो वह दोनों भाई उसे परेशान हो रखे थे वह  उसे निकालने की कोशिश कर रहे थे पर वह जा ही नहीं रहा था ।और वह बोले कि यह कब जाएगा इसकी वजह से  राशन का कितना खर्चा हो रहा है कोई तो तरकीब निकालनी पड़ेगी  इसको भगाने की।
                         फिर उन दोनों ने जोर जोर से चिल्ला कर झगड़ा करना शुरू कर दिया। और वह दोनों लड़ कर बाहर चले गए उनका मित्र यह सब कमरे में बैठकर सुन रहा था। फिर वह सारी बात समझ गया जब शाम को वह दोनों काम से लौटे तब जस्सी वहां सो रहा था। तो वह  भाई बोले कि तुम क्या  कर रहे थे तो वह बुला मैं ऊपर वाले कमरे में सो रहा था । वह दोनों भाई मिठाइयां एक दादी की डायरी से पढ़कर बनाते थे तो वह डायरी जस्सी के हाथ लग गई थी ।उसने वह पूरी डायरी पढ़ ली और उसका ज़ेरॉक्स भी करा लिया और वह फिर वहां से चला गया ।और बोला कि मैं गांव वापस जा रहा हूं तू वह दोनों बोले कि ठीक है आते रहना ।और फिर जस्सी में गांव के बाहर एक दुकान खोली मिठाई की और उसमें वह दादी की रेसिपी से मिठाईयां बनाया करता था ।और उसकी दुकान अच्छी चलने लगी और उन्हें  वाजिब दाम पर बेचा करता था।और उन दोनों की भाई की दुकान पर कोई नहीं आता था इसे उन्हें एहसास हो गया कि लालच बुरी बला है। 

बिजली वाला

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electricity
एक गांव में भीषण नाम का एक इलेक्ट्रिशियन रहता था। वह बहुत लालची था वह जानबूझकर गांव का मेन स्विच ट्रांसफार्मर बंद कर देता था ।घंटों तक बिजली नहीं आती तो गांव वाले आकर पूछते ।अरे भीषण 6 घंटे हो गए अभी तक लाइट नहीं आई ।तो भीषण बोलता है कि मैंने तो हेड ऑफिस में भी फोन किया है इसमें ट्रांसफार्मर के वायरस जल गए हैं इसलिए मैंने सोचा कि मैं खुद ही वायर ले आता हूं और जोड़ दूं पर मेरे पास इतने पैसे कहां कि मैं लेकर आ जाता ।तो गांव वाले उसे पैसे जोड़ कर दे देते हैं और फिर वह पॉल के साथ तार जोड़ देता और पैसे दबा लेता ।एक बार बिल्लू नाम का चोरों का सरदार भीषण से आकर मिला। और बोला देख भीषण हम तुझ पर बहुत दिनों से नजर रखे हुए हैं तू भी हमारी तरह ही सोचता है तू हमसे हाथ मिला ले हम जो भी चोरी करेंगे उसमें तुझे भी हिस्सा मिल जाएगा ।तू अरबपति बन जाएगा तब भीषण बोला मुझे क्या करना पड़ेगा तो चोरों का सरदार बोला कि बस इतना ही कि जब हम बोले तू बिजली काट देना। तो  भीषण बोला हां मैं कर दूंगा उस दिन रात को बिल्लू ने फोन किया तो भीषण ने बिजली काट दी ।और बुरे गांव की बिजली चली गई तब बिल्लू और उसके आदमी  टॉर्च मारते हुए जमींदार के घर पहुंचे ।और उन्होंने वहां से गहने और पैसे चुरा लिए और अगले दिन भीषण को उसके इससे के गहने और पैसे दे दिए और भीषण बहुत खुश हो गया। फिर उस दिन रात को बिल्लू और उसके आदमी गहने की दुकान के सामने खड़े थे और गहनों के दुकानदार ग्राहकों को गहने दिखा रहा था ।फिर जब ग्राहक चला गया तो बिल्लू ने भीषण को फोन किया कि बिजली काट दे और कहां 10 मिनट बाद वापस चालू कर देना और फिर जब 10 मिनट बाद करंट आया ।तब दुकानदार के सारे गहने गायब इस तरह रोज बहुत चोरियां बढ़ रही थी ।
                            तब सारे गांव वाले पुलिस के पास गए एक दिन रात को पुलिस वाला रात को पहरा देने आया इतने में करंट कट गया ।और आधे घंटे बाद करंट वापस आ गया दूसरे दिन एक आदमी पुलिस स्टेशन गया और बोला कल रात को मेरे घर में चोरी हुई तो पुलिस वाला बोला कि जब  करंट जाता है तब ही चोरी होती है। इसका मतलब करंट और चोरी का कोई संबंध है ।फिर एक हेड कांस्टेबल पुलिस वाले के पास आया और बोला कि यह पैसों का बक्सा आज रात को यहीं रख रहे हैं सुबह बैंक में जमा कर देंगे। और उसके बारे में बिल्लू की गैंग को पता चल गया ।और भीषण ने उस दिन बहुत पी रखी थी और उसे बिल्लू का फोन गया और कहा कि मैं पुलिस स्टेशन में चोरी करूंगा तो तू बिजली काट दे और उसने काट दी ।फिर वह पुलिस स्टेशन के अंदर  चले गए और भीषण ने बिजली का स्विच ऑन कर दिया ।तो वह तीनों मेज के नीचे छुप गए और पुलिस वालों ने उन्हें नहीं देखा ।फिर  भीषण के बहुत चढ़ी हुई थी तो वह मेन चीज कभी बंद करता कभी चालू करता उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या कर रहा था। और  उन चोरों को चोरी करते हुए पुलिस वालों ने पकड़ लिया और उन्होंने भीषण को भी जेल में डाल दिया। फिर बिल्लू और उसके दोस्तों ने भीषण को जेल में खूब मारा।और इस तरह उन्हें सजा मिल गई।

सेल फोन

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cell phone
एक गांव में बबलू नाम का एक आदमी रहता था। वह सुबह से शाम तक सेल फोन में लगा रहता था । वह सेल फोन में यूट्यूब पर वीडियो देखता रहता था या फिर फेसबुक पर पोस्ट लाइक करता था या फिर व्हाट्सएप पर चैटिंग में बिजी रहता था ।हर ऐप उसके फोन में था तथा हर गेम उसके फोन में होते थे । वह उस फोन को हर जगह लेकर जाता था और वह फोन वाटरप्रूफ था । वह अपनी मां को भी  मैसेज करता था कि मेरे लिए खाना परोस दी मां फोन में मैसेज देख कर उसके लिए खाना परोस दिया करती थी। खाना खाते वक्त भी वह फोन  मैं ही लगा रहता था ।उसकी मां को समझ में नहीं आ रहा था कि इसका क्या उपाय किया जाए अपने पापा को गुड मॉर्निंग गुड नाइट का मैसेज भी किया करता था। उसके माता-पिता उसके दिन भर फोन में बिजी रहने की वजह से बहुत परेशान थे। जब रोड पर चलते चलते भी फोन देखते हुए ही चलता था 1 दिन वह सड़क पर चलकर जा रहा था। और एक मेन होल खुला पड़ा था पर उसका ध्यान तो फोन में था तो वह चलता गया। जब वह होल के पास आया तो एक कर्मचारी उससे बाहर निकला तो बबलू उसके सर पर पैर रखकर वहां से निकल गया ।1 दिन वह सड़क क्रॉस कर रहा था और सामने से बस आ रही थी ।पर वह अपने फोन में लगा था बस वाले ने उसके पास बस रोकी ।और बोला तुझे मरना है क्या पर बबलू ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और वहां से निकल गया ।वह घर गया और वहां भी फोन भी लगा था उसके माता-पिता चिंतित थे कि उसकी गर्दन की नसों में कोई दर्द ना आ जाए । 1 दिन बबलू के लिए रिश्ता आया तब रिश्ता देखने उनके साथ उसका दोस्त राकेश भी गया। पर वहां जाकर भी बबलू का ध्यान सेल फोन में ही लगा हुआ था ।जब लड़की के पिता ने देखा कि बबलू का ध्यान  सेल फोन में है तो उन्होंने सोचा शायद ऑफिस का कोई जरूरी काम होगा। और उन्होंने यह बबलू की पिता से पूछा कि आपका बेटा  सेल फोन में क्या कर रहा है तो बबलू के पापा चिंता में पड़ गए ।तभी राकेश बोला कि बबलू तो बहुत बड़ा खिलाड़ी है तो उसके पिता ने पूछा कि कौन सा गेम खेलता है राकेश बोला कि वह हर गेम खेलता है। फिर लड़की के पिता दंग रह गए और बोले कि बेटा वह लड़की की तरफ क्यों नहीं देख रहा है ।तो राकेश बोला देख रहा है तो उसके पिता बोले कि यह तो सर ही नहीं उठा रहा है तो राकेश बोला कि यह आपकी बेटी की तस्वीरें फेसबुक पर देख रहा है ।तो उसके पिता बोले अगर लड़की सामने बैठी है तो उसे फेसबुक पर क्यों देख रहा है ।तभी लड़की की मां बोली भाई साहब आपके बेटे को हमारी लड़की पसंद आई या नहीं ।तब राकेश बोला कि इसने आपकी बेटी की प्रोफाइल पिक को लाइक कर दिया है इसका मतलब इसको आपकी बेटी पसंद है ।तब लड़की की मां बोली की अच्छी बात है बेटा अब नाश्ता कर लीजिए ।तब राकेश बोला कि बबलू ने स्विग्गी पर पिज़्ज़ा ऑर्डर किया है वह आ जाएगा तब खा लेंगे ।फिर लड़की के पिता का पारा चढ़ गया और उसकी मां बोली कि लेन-देन की बात कर ले तो अच्छा रहेगा । 
                                              इसने मुझे अभी व्हाट्सएप पर मैसेज किया है लाइफटाइम फोन डाटा रिचार्ज ,सो वेबसाइट के सब्सक्रिप्शन ,हर 3 महीने में लेटेस्ट सेल फोन और अगर कोई पैसे पैसे देना हो तो बिटकॉइन्स के रूप में दे दीजिएगा। फिर लड़की के पिता को गुस्सा आया और उसने बोला  सब उठ जाओ और उन्होंने बबलू के पिता को कहा आपके बेटे को शादी की जरूरत नहीं है। इसे लेकर मेंटल हॉस्पिटल जाइए हमें माफ कीजिए ।और घर लौटकर बबलू के मां-बाप सोच में पड़ गए कि बबलू को शायद मेंटल हॉस्पिटल मैं भर्ती करना ही पड़ेगा ।एक दिन उनके रिश्तेदार वीरेंद्र उनके घर आ पहुंचे फिर वीरेंद्र ने उसके मां-बाप को दुखी देखकर उनसे पूछा तो उन्होंने उसे सारी बात बताई। तब उन्होंने कहा कि आपको पता है मैं मैरीन इंजीनियर हूं तो आप 6 महीने के लिए बबलू को मेरे साथ भेज दीजिए। और समुद्र में सेल फोंस के सिग्नल नहीं आते फिर सब ठीक हो जाएगा ।और फिर बबलू के मां-बाप ने उसे वीरेंद्र के साथ भेज दिया और 6 महीने बाद वह बबलू को घर वापस ले आए । तब बबलू बोला पिताजी आप ठीक तो हो ना, मां आपके हाथ का आलू का पराठा खाए बहुत दिन हो गया आज खिला दो ना ।  और बबलू की मां बाप यह सुनकर बहुत खुश हो गए क्योंकि उन्होंने बहुत दिनों बाद बबलू को बात करते हुए सुना । और फिर उसके बाद बबलू सेलफोन का इस्तेमाल करता जितना उसको जरूरत होती है और वह सब से बातें करता था ।
शिक्षा- किसी भी चीज की  बहुत ज्यादा लत नहीं लगनी चाहिए।  

फूड चैलेंज

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food
एक गांव में एक ढाबा था उसे मुंगेरी नाम का एक व्यक्ति चलाता था ।फिर वह सब से एक चैलेंज लगाता था कि मैं गरम-गरम 50 परांठे दूंगा। अगर तुम वह खा लोगे तो तुम्हें उसके पैसे नहीं देने पड़ेंगे। बल्कि मैं तुम्हें सामने से ₹500 और दूंगा। तो कुछ लालची लोग यह चैलेंज मान लेते थे और 30 या 35 पराठे खा पाते थे ।फिर वह थक जाते थे और उन्हें उसके पैसे देने पड़ते थे और सामने से उसे ₹500 भी देने पड़ते थे ।वह पेट पकड़कर पैसे दे देते थे ।इस तरह मुंगेरी ऐसा करता था और लोगों को लूटता था । 1 दिन उसके  ढाबे पर पेटू और छोटू नाम के दो दोस्त आ पहुंचे  पेटू गोल मटोल सा था और छोटू पतला सा था । फिर छोटू ने पूछा इधर दीवार पर  यह लकीर केसी ।तब उसे मुंगेरी ने शर्त के बारे में बताया  छोटू ने पूछा क्या हम यह शर्त लगा सकते हैं ।तब मुंगेरी बोला कि पेटू नहीं लगा सकता तुम लगा सकते हो मैं शर्त लगाऊंगा। तो उसे मुंगेरी देख रहा था कि यह खा नहीं पाएगा और पेटू सोच रहा था कि यह दुकानदार पागल है ।इसे क्या पता कि छोटू कि क्या कर सकता है और मुझे वह देखकर डर गया । फिर छोटू बैठ गया और मुंगेरी उसके लिए चार पराठे लेकर आया जब तक मुंगेरी उसके लिए सब्जी लाया उससे पहले छोटू चारों पराठे खा चुका था। तब मुंगेरी ने पूछा कि पराठे  कहां गए तब छोटू बोला कि मैं परंतु को देखता थोड़ी मैं उन्हें खा गया। फिर मुंगेरी ने दीवार पर 4 लकीरें खींच दी और उसके लिए और पराठे लेकर आया इस तरह परांठे आते गए और छोटू खाता गया।
                                     और मुंगेली लकीरें खींच खींचता गया और 30 पराठे हो गए । फिर मुंगेरी को डर लगने  लगा तो वह रसोई के पास पहुंचा  और बोला डबल आटा लगाकर बड़े-बड़े पराठे बना  फिर रसोईया डबल पराठे बनाने लगा पर छोटू जैसे ही पर आते-आते छपाक से खा जाता। और सब्जी का कटोरा भी खाली हो गया और 40 पराठे हो गए। फिर मुंगेरी उसे पराठे देखकर पुरानी लकीर पर ही नहीं लगी खींच रहा था। फिर जब कुछ देर बाद  मुंगेली उसके लिए परांठे लेकर आया तब छोटू बोला कि मेरे 50 पराठे हो चुके हैं  । तब मुंगेरी बोला कि नहीं अभी तो तुम्हारे 50 पराठे नहीं हुए हैं तुम लकीरे देख सकते हो। तब छोटू बोला कि तुम मेरे साथ धोखा कर रहे हो फिर छोटू बोला कि इस बार पर पेटू लकीरे खींचेगा ।और मैं फिर से 50 पराठे खाऊंगा  फिर छोटू पेटू को बोला कि इस बार लगी रे तुम खींचो यह बदमाशी कर रहा है। और मुंगेरी को बोला कि जाओ पराठे लेकर आओ तो यह सुनकर मुंगेरी दंग रह गया। और उसने हाथ जोड़ लिए और बोला कि मैं मान गया आपने जितने खाए हैं आप जीत चुके हैं। और उसने भी ₹500 निकालकर छोटू को दे दिए फिर छोटू बोला कि ठीक है मैं कल आ जाऊंगा। तब मुंगेली बोला कि नहीं नहीं आती यह शर्त बंद और फिर वह ईमानदारी से व्यापार करने लगा ।
शिक्षा -अगर किसी भी चीज में बेईमानी करने का सोचोगे तो कोई ना कोई आ कर आपको जरूर एहसास करा देगा

 

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